शोध में गड़बड़ी की शिकायत: रिसर्च पेपर पर अंक देने में गलती इस सत्र में की, सुधार अगले साल होगी

मेदिनीनगरएक घंटा पहलेलेखक: श्याम किशोर पाठक

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परीक्षा परिणाम में त्रुटि के साथ लघु शोध के पेपर में मनमाने तरीके से नंबर देने के खिलाफ छात्रों के शिक्षा सचिव से शिकायत के बाद भी उन्हें न्याय मिलता हुआ नहीं दिखाई देता। क्योंकि शिक्षा सचिव के निर्देश पर इस मामले की सुनवाई को लेकर जो कमेटी बनाई गई थी, उसने एक दिन की ही औपचारिक बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली।

इस रिपोर्ट से भुक्तभोगी छात्रों को कोई न्याय मिलने की गुंजाइश नहीं है। कमेटी ने उनकी समस्या के समाधान के बारे में तो कुछ नहीं कहा है, लेकिन कमेटी ने विश्वविद्यालय से आगे से उनकी शिकायतों पर ध्यान दिए जाने की बात कही है।

यह कहा गया है कि विवि आगे से इस बात का ध्यान रखेगा कि बच्चों को अधिकतम नंबर नहीं दिए जाएं। और यदि दिए भी जाते हैं तो उस पर यह बात लिखा जाए कि अमुक छात्र को 75 प्रतिशत से अधिक नंबर क्यों दिए जा रहे हैं। यह सिर्फ टालमटोल करने वाली बात है। जिसे मनमाफिक नंबर देने होंगे, क्या वह टिप्पणी नहीं लिख पाएगा? सोचने वाली बात तो यह है कि शिकायतकर्ता छात्रों की शिकायतों का क्या होगा? भुक्तभोगी छात्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में उनकी शिकायत पर कोई निर्णय ही नहीं लिया गया। उनके खराब हुए रिजल्ट का क्या होगा? क्या हमने यह शिकायत केवल कॉपी जांचने में एक क्लॉज लगाने के लिए भर किया था?

छात्रों ने कहा- नीलांबर पीतांबर यूनिवर्सिटी का निर्णय हमारे कॅरिअर से खिलवाड़

पीजी डिपार्टमेंट की नेहा भगत (रोल नं-211112000026) व पूजा कुमारी (रोल नं- 211112000032) तथा जीएलए कॉलेज की कंचन कुमारी ( रोल नं- 210012000502) व स्वाति कुमारी ( रोल नं-(210012000569) ने भी एनपीयू प्रशासन के इस रवैए को छात्रों के कॅरिअर के साथ खिलवाड़ बताोया है। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी गलतियों में सुधार करने से भी परहेज कर रहा है। यह उन छात्रों के साथ अन्याय है।

शिकायतकर्ता ने आरटीआई कर मांगा जवाब

शिकायतकर्ता एनपीयू पीजी डिपार्टमेंट राजनीति विज्ञान के छात्र राहुल कुमार दुबे ( रोल नं -211112000036) ने जांच कमेटी के औचित्य और उनके जांच के तरीके पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि कमेटी सार्वजनिक करे कि छात्रों की समस्या का क्या समाधान निकाला है? राहुल ने अब इसके खिलाफ आरटीआई दर्ज कराया है।

इसमें यह कहा गया है कि जांच कमेटी ने कुल कितनी बैठकें की है और उसमें कितने और कौन-कौन लोग शामिल हुए हैं, उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी दी जाए। राहुल ने यह भी कहा कि शिक्षा सचिव के आदेश पर गठित जांच कमिटी ने कितने शोधकर्ता और आवेदनकर्ता से पूछताछ की है, उनके बयान की सत्यापित प्रति भी उपलब्ध कराए।

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