शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित: प्रोन्नति नहीं होने से न शिक्षकों का बढ़ा वेतन और न ही स्कूलों को मिले एचएम

धनबाद8 मिनट पहले

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जिले के सरकारी प्रारंभिक स्कूलाें के शिक्षकाें काे 1998 के बाद से ही विभिन्न ग्रेडाें में प्राेन्नति नहीं मिली है। - Dainik Bhaskar

जिले के सरकारी प्रारंभिक स्कूलाें के शिक्षकाें काे 1998 के बाद से ही विभिन्न ग्रेडाें में प्राेन्नति नहीं मिली है।

जिले के सरकारी प्रारंभिक स्कूलाें के शिक्षकाें काे 1998 के बाद से ही विभिन्न ग्रेडाें में प्राेन्नति नहीं मिली है। महज तीन सालाें में ही लगभग 700 शिक्षक बिना प्राेन्नति के सेवानिवृत्त हाे गए। ग्रेड तीन में वर्ष 2010 से प्राेन्नति लंबित है। प्राेन्नति से भरे जाने वाले स्नातक प्रशिक्षित (ग्रेड-4) 421 पद रिक्त हैं। प्रधानाध्यापकाें के भी सभी 237 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में एक ओर शिक्षकाें काे आर्थिक नुकसान हाे रहा है, ताे दूसरी ओर मध्य विद्यालयाें काे प्रधानाध्यापक (ग्रेड-7) नहीं मिल रहे हैं। तमाम शिक्षक संगठन भी विभाग से कई बार प्राेन्नति की गुहार लगा चुके हैं।

समय पर प्राेन्नति नहीं मिलता देख बिहार की तर्ज पर शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि समय पर प्राेन्नति नहीं मिलने के कारण ही शिक्षकाें काे अपने मूल काेटि में सेवानिवृत्त हाेना पड़ रहा है। स्थायी प्रधानाध्यापक नहीं मिलने से विद्यालय भी प्रभावित हाे रहे हैं।

स्नातक प्रशिक्षित के कितने पद
जिले में कुल 1727 स्कूल हैं, जिनमें 1094 प्राथमिक और 504 मध्य विद्यालय हैं। प्रारंभिक स्कूलाें में लगभग 1.9 लाख विद्यार्थी हैं। मध्य विद्यालयाें के लिए स्नातक प्रशिक्षित के कुल 421 पद रिक्त हैं, जाे प्राेन्नति से ही भरे जाने हैं। इनमें भाषा के लिए 118 शिक्षक हैं, जिनमें हिंदी के 114 व उर्दू के 4 पद हैं। वहीं विज्ञान के 160 पद और कला/सामाजिक विज्ञान के 143 पद हैं।

जिले के अधिक विद्यालय चल रहे हैं प्रभार पर
जिले में प्रधानाध्यापकाें के 237 पद हैं और सभी रिक्त हैं। 28 फरवरी 2021 काे अंतिम प्रधानाध्यापक के ताैर पर त्रिपुरारी सिंह चाैधरी मध्य विद्यालय काेलाकुसमा (उत्क्रमित उच्च विद्यालय काेलाकुसमा) से सेवानिवृत्त हुए थे। वे शिक्षक संवर्ग में अंतिम निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) भी थे। इनके बाद जिले के सभी स्कूल प्रभार पर चल रहे हैं।

खाली पड़े हैं प्राेन्नति से भरे जाने वाले पद
जिले में ग्रेड 4 के 133 पद थे, जिनमें 83 विज्ञान और 50 कला के थे। आरटीई 2009 के तहत झारखंड में अप्रैल 2015 काे शिक्षकाें का पद सृजित कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी। यहां कुल 237 मध्य विद्यालयाें में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकाें के 3 कुल 711 पद स्वीकृत किए गए और उनमें पहले से सृजित 133 पदाें काे कम कर दिया गया।

शेष 578 पदाें में से आधे पद प्राेन्नति और आधे पद सीधी नियुक्ति से भरे जाने थे। यहां सीधी नियुक्ति से पर भर लिए गए, लेकिन प्राेन्नति से भरे जाने वाले नए 289 पद और पूर्व से स्वीकृत 133 यानि 421 पद खाली पड़े हैं। पलामू से स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक स्थानांतरित हाेकर जिले में आए हैं।

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