वनवास खत्म: सदर अस्पताल हैंडओवर, 15 को उद्घाटन, अभी इमरजेंसी व ओपीडी ही शुरू होंगे

रांची4 घंटे पहले

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हैंडओवर लेते सिविल सर्जन। - Dainik Bhaskar

हैंडओवर लेते सिविल सर्जन।

सदर अस्पताल के नए भवन का वनवास खत्म हो गया। 14 साल बाद बुधवार को भवन सिविल सर्जन को हैंडओवर कर दिया गया। ये हैंडओवर प्रक्रिया हाईकोर्ट द्वारा प्रेशर बनाने के बाद शुरू हुई। इससे पहले हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर तक का समय निर्धारित किया था, लेकिन इस तिथि को भवन हैंडओवर नही लिए जाने के बाद कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए जिला व विभाग के बड़े-बड़े अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। डीसी से भवन संचालन व मैनपावर से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट 11 नंवबर से पहले मांगी है।

सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि नए भवन में शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है। 15 नवंबर को उदघाटन होगा। शुरुआत में मैनपावर की कमी के कारण यहां सिर्फ इमरजेंसी, ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर का संचालन होगा। जैसे-जैसे मैनपावर बढ़ेगा, अन्य सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इमरजेंसी व ओपीडी के बाद अगले चरण में पैथलैब व रेडियोलॉजिकल लैब शुरू किए जाएंगे। इसी भवन में कार्डियोलॉजी विंग और न्यूरोलॉजी विंग भी शुरू करने की योजना है। बता दें कि 28 अक्टूबर को बिल्डिंग कॉरपोरेशन ने एजेंसी से भवन हैंडओवर लिया था।

बड़ा सवाल : 250 डॉक्टर चाहिए, हैं सिर्फ 65
सदर अस्पताल के नए भवन काे पूरी तरह फंक्शनल बनाने के लिए सदर में मैनपावर की घोर कमी है। जब तक ये नही बढ़ेंगे, तब तक भवन का पूर्ण संचालन संभव नही है। इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) नॉम्स के तहत 500 बेडेड हॉस्पिटल संचालन के लिए चाहिए 200 से 250 डॉक्टर, जबकि हैं सिर्फ 60 से 65। नर्सें चाहिए 350, अभी 180 के करीब नर्सें। पारामेडिकल स्टाफ की जरूरत 300, अभी हैं 150 के करीब। इंजीनियर समेत अन्य टेंड्र के स्टाफ की जरूरत 100 है, पर अभी 25 भी नहीं हैं। सिक्योरिटी भी जरूरत के हिसाब से 50 प्रतिशत तक नही हैं। वार्ड अटेंडेंट, ड्रेसर, सफाईकर्मी, वार्ड ब्यॉय इनकी भी नियुक्ति जरूरी है।

राष्ट्रपति कर सकती हैं उदघाटन: झारखंड स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने झारखंड की पूर्व राज्यपाल व वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रांची आ रही हैं। उनके हाथों से भी सदर अस्पताल के नए भवन के उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नही है।

किस फ्लोर में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?

  • ग्राउंड फ्लोर: इमरजेंसी, मेडिसिन ओपीडी, ऑर्थोपेडिक ओपीडी, सर्जरी ओपीडी।
  • पहला तल्ला: स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ओपीडी, नेत्र रोग ओपीडी, स्कीन ओपीडी आदि के अलावा पैथोलॉजिकल लैब।
  • दूसरा तल्ला: सुपरस्पेशियलिटी विभाग के ओपीडी के अलावा रेडियोलॉजी विभाग।
  • तीसरा तल्ला: सुपरस्पेशियलिटी विंग
  • छठा तल्ला: ऑडिटोरियम।
  • सातवां तल्ला: 7 मॉड्यूलर ओटी।

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