राष्ट्रीय शिक्षा दिवस आज: सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना की कमी तो कॉलेजों में नहीं हैं प्राध्यापक

धनबाद22 मिनट पहले

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शिक्षण संस्थानाें में शुक्रवार काे राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर देश के पहले शिक्षा मंत्री माैलाना अबुल कलाम आजाद याद किए जाएंगे। - Dainik Bhaskar

शिक्षण संस्थानाें में शुक्रवार काे राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर देश के पहले शिक्षा मंत्री माैलाना अबुल कलाम आजाद याद किए जाएंगे।

शिक्षण संस्थानाें में शुक्रवार काे राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर देश के पहले शिक्षा मंत्री माैलाना अबुल कलाम आजाद याद किए जाएंगे। उन्हाेंने देश की प्रणाली काे आकार देने के साथ-साथ उच्च व वैज्ञानिक अनुसंधान की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस वर्ष 2022 में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का थीम “पाठ्यक्रम बदलना और शिक्षा को बदलना” है। धनबाद जिले में सरकारी स्कूलाें में आज भी आधारभूत संरचना की कमी है।

झरिया राज प्लस टू स्कूल सहित कुछ स्कूल दूसरे के भवन में चल रहे हैं ताे कई स्कूलाें में पर्याप्त क्लासरूम तक नहीं है। यही नहीं, केसी बालिका उच्च विद्यालय झरिया सहित कुछ स्कूलाें के जर्जर भवन के नीचे बच्चे पढ़ाई काे मजबूर हैं। काॅलेजाें में भी शिक्षकाें और कर्मचारियाें की कमी है। मेडिकल की पढ़ाई काे एकमात्र एसएनएमएमसीएच में एमबीबीएस की महज 50 सीटें हैं।

सुखद : जिले काे जल्द ही मिलेंगे तीन स्कूल ऑफ एक्सिलेंस
जिले काे जल्द ही तीन स्कूल ऑफ एक्सिलेंस मिलेेगे। इनमें प्लस टू जिला स्कूल धनबाद, एसएसएलएनटी बालिका प्लस टू स्कूल धनबाद और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय निरसा शामिल हैं। प्लस टू जिला स्कूल काे सीबीएसई से जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद है। इसी तरह जिले काे बिनाेद बिहारी महताे काेयलांचल विश्वविद्यालय मिला है, जाे जल्द ही अपने भेलाटांड़ स्थित परिसर में शिफ्ट हाे जाएगा। वहीं तकनीकी संस्थानाें में धनबाद के पास आईआईटी आईएसएम धनबाद और बीआईटी सिंदरी है ताे वहीं शाेध व अनुसंधान के लिए सीएसआईआर-सिंफर है।

खेल के मैदान नहीं, प्रयाेगशाला का भी है बुरा हाल
जिले के एक भी मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक नहीं हैं और शिक्षकाें का भी घाेर अभाव है। कहीं खेल का खेल के मैदान नहीं है ताे कहीं पर्याप्त शाैचालय व पेयजल नहीं है। प्रयाेगशालाओं का भी बुरा हाल है। वहीं मर्ज हाेने के बाद खाली पड़े स्कूल भवनाें में अब खटाल खुल चुके हैं। यही नहीं, सुदूर ग्रामीण क्षेत्राें के स्कूलाें तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक बच्चाें काे नहीं मिली है।

प्रारंभिक में 39 से अधिक और माध्यमिक में 62 बच्चाें पर एक शिक्षक
सरकारी प्रारंभिक स्कूलाें में एक शिक्षक पर 39 से अधिक बच्चे हैं। वहीं हाई स्कूलाें और प्लस टू स्कूलाें में 62 छात्र-छात्राओं पर एक शिक्षक कार्यरत हैं। जिले में कुल 1727 स्कूल हैं, जिनमें 1094 प्राथमिक और 504 मध्य विद्यालय हैं। 129 हाई स्कूल और प्लस टू स्कूल हैं। 1-8वीं कक्षा में करीब 2 लाख बच्चाें के लिए 2541 सहायक अध्यापक व 2621 सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं।

यूजी में 233 व पीजी में 138 छात्रों पर एक प्राध्यापक
बीबीएमकेयू, धनबाद के काॅलेजाें में स्नातक (यूजी) के लगभग 50 हजार छात्र-छात्राओं के लिए 215 और स्नातकाेत्तर (पीजी) के करीब 9 हजार विद्यार्थियाें के लिए महज 65 प्राध्यापक हैं। यूजी में 233 और पीजी में 138 विद्यार्थियाें पर एक प्राध्यापक हैं। यूजी के कुल स्वीकृत 428 में केवल 215 प्राध्यापक और पीजी के कुल स्वीकृत 146 में 65 प्राध्यापक कार्यरत हैं।

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