नगर विकास विभाग ने जारी अधिसूचना में किया संशोधन: तीन मंजिला अवैध व्यावसायिक भवन भी होंगे वैध, 7 लाख लोगों को फायदा

रांची3 घंटे पहले

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सरकार के फैसले पर चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि सभी बिल्डिंग रेगुलराइज हो जाएंगे, तो राज्य का विकास तेजी से होगा। - Dainik Bhaskar

सरकार के फैसले पर चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि सभी बिल्डिंग रेगुलराइज हो जाएंगे, तो राज्य का विकास तेजी से होगा।

रांची सहित राज्य के सभी नगर निकायों में बिना नक्शा स्वीकृत बने सभी तरह के अवैध भवनों को नियमित किया जाएगा। नगर विकास विभाग की नई अधिसूचना में व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए बने भवन भी शामिल कर लिया गया है। इस योजना के लागू होने से राज्यभर के करीब 7 लाख से अधिक तीन मंजिले अवैध भवन मालिकों को सीधा फायदा होगा। सबसे अधिक लाभ रांची के लोगों को होगा, क्योंकि यहां करीब 1.50 लाख अवैध भवन हैं। नगर विकास विभाग ने पहले सिर्फ आवासीय भवनों को ही नियमित करने की योजना तैयार की थी।

पर, झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स व व्यापारियों की मांग पर विभाग ने अवैध भवनों को नियमित करने से संबंधित 21 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में संशोधन कर दिया है। अधिसूचना से आवासीय शब्द को हटाते हुए बुधवार को नई अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि, बहुमंजिली भवनों को राहत मिलने की संभावना कम है। क्योंकि, बिल्डरों द्वारा अपार्टमेंट और कॉमर्शियल कांप्लेक्स बनाकर ऊंची कीमत पर बेचा जाता है। इसे देखते हुए सिर्फ वैसे ही आवासीय और व्यावसायिक भवनों को नियमित करने पर विचार हो रहा है, जो तीन मंजिल तक बने हैं।

अपर बाजार, लालपुर व चुटिया में हजारों लोगों को राहत
अवैध भवनों को नियमित करने के लिए बनाई जा रही पॉलिसी लागू होती है, तो अपर बाजार, लालपुर, मेन रोड और चुटिया के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि, पिछले एक वर्ष में नगर निगम ने सिर्फ अपर बाजार में करीब 900 लोगों के घर पर अवैध निर्माण का केस दर्ज किया था। दो दर्जन से अधिक भवनों को तोड़ने का आदेश दे दिया गया था। इससे व्यापारियों में रोष के साथ डर भी था।

निगम चुनाव से पहले लागू हो सकता है नियम
राज्य में नगर निकाय चुनाव की घोषणा इसी माह होने की संभावना है। निकायों में मेयर-अध्यक्ष या डिप्टी मेयर-उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित नेताओं का कब्जा है। रांची सहित सभी निकायों में भाजपा समर्थित पार्षद भी सबसे अधिक हैं। अवैध भवनों को नियमित करने के नाम पर भाजपा एक दशक में दो बार पॉलिसी ला चुकी है, लेकिन इससे एक प्रतिशत अवैध घर वैध नहीं हुए। इसे देखते हुए नगर निकाय चुनाव से पहले राज्य सरकार अवैध भवनों को नियमित करने की पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। इसे सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि, इससे शहरी वोटर में सेंधमारी करना आसान हो जाएगा।

व्यावसायिक भवनों के लिए पार्किंग जरूरी
नगर विकास विभाग ने अवैध भवनों को नियमित करने का ड्रॉफ्ट तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी गोवा, रायपुर, इंदौर सहित अन्य जगहों की पॉलिसी का अध्ययन कर ड्राफ्ट बना रही है। ड्राफ्ट के अनुसार व्यावसायिक भवनों को नियमित करने के लिए पार्किंग अनिवार्य होगा। वहीं, संकरी सड़क पर बने आवासीय भवन में फ्रंट सेट बैक छोड़ने की शर्त के साथ भवनों को नियमित करने की अनुमति मिल सकती है। चौड़ी सड़क पर बने भवनों को साइड व रियल सेट बैक के बिना भी नियमित किया जाएगा।

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