झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस समारोह: एक मंच पर होंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल रमेश बैस

रांची11 मिनट पहले

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झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस समारोह साथ होंगे राज्यपाल और मुख्यमंत्री - Dainik Bhaskar

झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस समारोह साथ होंगे राज्यपाल और मुख्यमंत्री

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल रमेश बैस एक मंच पर साथ नजर आयेंगे। राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में राज्यपाल रमेश बैस की गैरमजूदगी पर कई सवाल खड़े हुए, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच सब कुछ ठीक नहीं है, इसे लेकर भी राज्य में राजनीति तेज रही। झारखंड विधानसभा का 22वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार से शुरू है। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल रमेश बैस करेंगे मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे हेमंत सोरेन।

जोर-शोर से चल रही है तैयारी, रंगारंग होगा कार्यक्रम

इस समारोह के पहले दिन सीमा पर और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के आश्रित परिवार को सम्मानित किया जाना है। राज्य में इस साल 10वीं और 12वीं के टॉपर्स स्टूडेंट्स को भी इस समारोह में सम्मानित किया जायेगा। विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका उड़ान का भी लोकार्पण इस कार्यक्रम में होना है। इस समारोह में रबींद्रनाथ महतो द्वारा लिखित पुस्तक संसदीय दायित्व के तीन साल का भी लोकार्पण किया जाएगा।
तैयारी जोर-शोर से चल रही है। कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में चयनित बगोदर से माले विधायक विनोद सिंह को सम्मानित किया जायेगा। तीन दिनों तक कार्यक्रम होंगे। इस कार्यक्रम में 23 नवंबर से सांस्कृतिक समेत अन्य कार्यक्रम होंगे. विधानसभा द्वारा केंद्र-राज्य संबंध पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में डॉ कुमार विश्वास और उनके साथियों का काव्य पाठ होगा साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी. 24 नवंबर को छात्र संसद का आयोजन किया गया है।
हर साल होता रहा है आयोजन

रांची के धुर्वा में बना नया विधानसभा भवन 39 एकड़ में फैला हुआ है. शिलान्यास 12 जून 2015 को हुआ था. तीन मंजिली इमारत के निर्माण में 465 करोड़ की लागत आयी है. झारखंड गठन के बाद वर्ष 2001 से झारखंड विधानसभा का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है. पिछले 22 वर्षों में वर्ष 2009, 2014 व 2019 को छोड़ हर वर्ष झारखंड विधानसभा का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया. इस आयोजन में हर साल एक विधायक को सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार प्रदान किया जाता रहा है.
विधायक विनोद सिंह मजबूती से रखते हैं अपना पक्ष
विनोद सिंह ने अपने पिता विधायक महेंद्र सिंह की हत्या के बाद सक्रिय राजनीति में सक्रिय हुए। 16 जनवरी 2005 को नक्सलियों ने महेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। इसके बाद विनोद सिंह बगोदर विधानसभा से माले की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत कर विधायक बने। वर्ष 2009 में बगोदर से ही दूसरी बार विधायक चुने गये। 2014 का विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाये। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में इन्होंने तीसरी बार चुनाव जीता ।

अब तक के सर्वश्रेष्ठ विधायक
2001 विशेश्वर खां
2002 हेमलाल मुर्मू
2003 राजेंद्र प्रसाद सिंह
2004 लोकनाथ महतो
2005 अन्नपूर्णा देवी
2006 राधाकृष्ण किशोर
2007 पशुपति नाथ सिंह
2008 इंदर सिंह नामधारी
2010 जनार्दन पासवान
2011 माधव लाल सिंह
2012 रघुवर दास
2013 लोबिन हेंब्रम
2015 प्रदीप यादव
2016 स्टीफन मरांडी
2017 विमला प्रधान
2018 मेनका सरदार
2020 नलिन सोरेन
2021 रामचंद्र चंद्रवंशी

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