जेल में छापेमारी: रांची के होटवार जेल में डीसी और एसएसपी के नेतृत्व में हुई बड़ी छापेमारी, कई हाईप्रोफाइल लोग हैं बंद

रांची24 मिनट पहले

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बिरसा मुंडा  जेल में छापेमारी - Dainik Bhaskar

बिरसा मुंडा जेल में छापेमारी

रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में छापेमारी हुई है। बुधवार की सुबह उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा और एसएसपी किशोर कौशल के नेतृत्व में छापेमारी की गयी।छापेमारी दल में एसडीएम, सिटी एसपी, सिटी डीएसपी और सदर डीएसपी सहित कई अन्य डीएसपी और थानेदार शामिल रहे। छापेमारी में क्या- क्या मिला। इस छापेमारी के पीछे की वजह क्या है इस संबंध में विस्तार से जानकारी नहीं मिल सकी है।

जेल में बंद हैं मनी लॉड्रिंग के कई बड़े अपराधी

झारखंड में ईडी और आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद कई लोगों पर शिकंजा कस रहा है। झारखंड के मनी लाउंड्रिंग केस के कई प्रमुख आरोपी भी इसी जेल में बंद हैं। इस छापेमारी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। जेल में निलंबित खान सचिव पूजा सिंघल, मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश उर्फ पीपी और बच्चू यादव इस समय इसी जेल में बंद हैं।

पंकज मिश्रा को लेकर हुआ था बड़ा खुलासा
इनमें से ज्यादातर लोग इलाजरत हैं और रिम्स के पेइंग वार्ड में अपना इलाज करा रहा है। पंकज मिश्रा कई लोगों के संपर्क में थे। ईडी ने इसे लेकर खुलासा भी किया था। जेल के अंदर से भी कई लोगों के बाहर से संपर्क रहने की खबरें आती रहती है। ऐसे में इस छापेमारी के पीछे कई तरह की वजह हो सकती है। ईडी ने हाल में ही 2 लोगों को हिरासत में लिया था। इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ था कि पंकज मिश्रा न्यायिक हिरासत में रहने के बावजूद फोन के जरिए कई वरीय अधिकारियों के संपर्क में था।

एक्टिव मोबाइल है छापेमारी की बड़ी वजह
जेल में छापेमारी के पीछे सबसे बड़ी वजह होती है मोबाइल फोन। यह पहली बार नहीं जब बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में छापेमारी हुई है। इससे पहले भी 14 जून को छापेमारी हुई थी। रांची के साथ- साथ धनबाद और हजारीबाग स्थित जेलों में बंद गैंगस्टर्स मोबाइल-सेलफोन के जरिए गिरोह ऑपरेट करने की खबर आयी थी। इसके बाद छापेमारी की गयी थी। रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के भीतर 150 से भी ज्यादा मोबाइल सिम एक्टिव पाए गये थे। पुलिस मुख्यालय ने जेल के भीतर सक्रिय सिमकार्ड नंबर, व्हाट्सएप नंबर, आइईएमईआई नंबर और वर्चुअल नंबर के ब्योरे के साथ ये रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। दी है. आपराधिक मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने पाया कि झारखंड के हजारीबाग के जेपी सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर्स कम से कम 6 मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पहले भी हुई है कार्रवाई
रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल का है. इस जेल के भीतर करीब 200 मोबाइल के उपयोग की पुख्ता सूचनाओं के आधार पर रांची के खेलगांव थाने के प्रभारी मनोज कुमार महतो ने खुद 3 माह पहले एक मार्च 2022 को एफआईआर (केस नंबर 15/2022) दर्ज कराई थी। छापेमारी के बाद पहले भी जेल में मोबाइल नेटवर्क को जाम करने के लिए जैमर को अपग्रेड करने की भी जरूरत बताई गई थी. फिलहाल रांची सेंट्रल जेल में टू जी जैमर लगा है, लेकिन अपराधी फोर जी नेटवर्क इस्तेमाल करते हैं.

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