गांव में बिजली की व्यवस्था नहीं: राजखेता में दाे लोगों काे पीएम आवास, घर के अभाव में 10 परिवार रह रहे स्कूल भवन में

तरहसीएक घंटा पहले

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स्कूल भवन में कब्जा किए ग्रामीण। - Dainik Bhaskar

स्कूल भवन में कब्जा किए ग्रामीण।

पलामू जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर अति सुदूरवर्ती मनातू प्रखंड के रंगिया पंचायत के रजखेता गांव सरकार के विकास की दावे की पोल खोल रहा है। मूलभूत सुविधाएं यहां के लोगों के लिए सपने के समान है। हालत यह है कि यहां के लोगों को शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो पाया है। इस गांव के लोगों को सरकारी सुविधा से दूर रखा गया है।

इस गांव में ना तो बिजली की व्यवस्था है और ना ही पानी की। इस गांव के लोगों को पेंशन भी नहीं मिलती है। पीएम आवास की बात करें तो गांव के बस दो लोगों को ही इसका लाभ मिल पाया है। अपना घर नहीं होने के कारण 10 परिवार पिछले छह वर्षों से स्कूल भवन में रहने को मजबूर हैं।

गौरतलब हो कि यहां स्कूल के तीन भवन हैं, जिसमें दो पर ग्रामीणों का कब्जा है। तीसरे नए भवन में स्कूल चलता है। सबसे मजेदार बात यह है कि मनातू प्रखंड के गांवों के उत्थान को लेकर सरकार इस क्षेत्र को एक्शन प्लान में शामिल कर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन बिचौलियों और दलालों के द्वारा गांव तक सरकार की योजना नहीं पहुंच पा रही है। इसका परिणाम है कि आज भी लोग मूलभूत सुविधा से कोसों दूर हैं। गांव के कई बुजुर्ग आज भी वृद्धा पेंशन, पीएम आवास और शुद्ध पेयजल के लिए सरकार से आस लगाए बैठे हुए हैं।

चौंकाने वाली बात तो यह है कि गांव के कई बुजुर्ग पेंशन और पीएम आवास के आस में दम तोड़ चुके हैं। प्रशासन की लापरवाही इस कदर है कि इस गांव के एक भी वृद्ध व्यक्ति काे पेंशन नहीं मिलता है। आज भी इस गांव को देखा जाए तो कई परिवार स्कूल भवन में शरण लिए हुए हैं और कई परिवारों का घर तो झोपड़ीनुमा है। गांव के विदेशी भुइयां अपने कई परिवारों के साथ पिछले कई वर्षों से स्कूल भवन में जीवन बिता रहे हैं। इसके अलावा गांव के कई लोग भी स्कूल पर ही कब्जा जमा रखे हैं।

इस गांव में शिक्षा के नाम पर तो एक विद्यालय और एक आंगनबाड़ी केंद्र है। विद्यालय तो कभी कभार खुलता भी है लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र में हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे आज भी इस गांव के गरीब बच्चों को प्राथमिक शिक्षा नसीब नहीं हो पा रही है। इस गांव में अभी भी कई लोगों के पास नागरिकता प्रमाण पत्र और आधार कार्ड भी नहीं है। आखिर इस गांव का मौलिक विकास कब होगा।

लोगों को समय से राशन भी नसीब नहीं
इस गांव के लोगों को समय पर राशन भी नसीब नहीं हो पा रहा है। कभी कभार डीलर द्वारा लोगों को राशन भी दिया जाता है तो निर्धारित मात्रा से दुगना मूल्य वसूला जाता है। किरोसिन तेल तो आज तक लोगों को मिला ही नहीं। साल में दो चार बार ही गरीबों को राशन उपलब्ध हो पाता है। दूसरी ओर रजखेता गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाया है। विभाग द्वारा बिजली का खंभा के साथ तार लगाया गया। लेकिन गांव तक बिजली नहीं पहुंच पाया। नतीजा यह कि बिजली का तार जो लगाया गया था, उसे चाेराें ने चुरा लिया गया है।

आज तक नहीं पहुंचे हैं इस गांव में विधायक और जिला प्रशासन
गांव के दुखनी देवी, खुशबू देवी कुंती देवी, सुरेश यादव, बिनेश्वर यादव, रामेश्वर यादव, शांति देवी आदि ग्रामीण बताया कि इस गांव में आज तक कोई विधायक नहीं पहुंचे हैं। प्रशासन के नाम पर सिर्फ एक बार बीडीओ आए थे लेकिन आज तक गांव के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। गांव में एक भी चापाकल नहीं है जिसके कारण यहां के लोगों को कुआं का दूषित पानी पीना पड़ता है।

स्वास्थ सुविधा यहां नदारद है। प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी सच्चिदानंद महतो ने बताया कि वे फिलहाल ही प्रभार लिए हैं। गांव की मूलभूत सुविधा का जायजा लेते हुए गांव के लोगों को सरकारी सुविधा उपलब्ध कराने का भरपूर प्रयास करेंगे।

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