आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र नहीं हैं: 959 स्कूलों के अग्निशमन यंत्रों की तीन साल से रिफिलिंग नहीं

सिमडेगा44 मिनट पहलेलेखक: शहजादा प्रिंस

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स्कूल में एमडीएम ग्रहण करते बच्चे। - Dainik Bhaskar

स्कूल में एमडीएम ग्रहण करते बच्चे।

जिले के 10 प्रखंडाें के 959 विद्यालयाें में माध्याह्न भाेजन याेजना संचालित की जाती है। लेकिन किसी भी स्कूल के रसाेईघर में आपातकालीन अवस्था में आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। अगर किसी कारणवश सिलेंडर ब्लास्ट या लीक कर गया ताे वैसी स्थिति में आग लग सकती है। स्कूलों में तीन साल पहले अग्निशमन यंत्र दिए गए थे। लेकिन उसकी रिफिलिंग एक बार भी नहीं हुई है। आज की तारीख में सभी स्कूलों में लगे फायर इंस्टिंग्यूसर बेकार पड़े हैं। सभी उपकरण एक्सपायर हो चुके हैं। सभी अग्निशमन यंत्र काे हर साल रिफिलिंग कराना पड़ता है।

लेकिन इधर तीन वर्षों में एक बार भी विभाग के मुताबिक रिफिलिंग नहीं कराया गया। जिसकी वजह से रसोइयों के साथ-साथ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी असुरक्षित हैं। काेविड गाइडलाइन के अनुसार शिक्षा विभाग की ओर से सभी सरकारी स्कूलों की रसोइया और संयाेजिकाओं के लिए एप्रन और टाेपी की की खरीददारी हुई थी। इसके बावजूद माध्याह्न भाेजन बनाने के समय रसोइया या संयोजिका बगैर एप्रन और टाेपी के भाेजन बनाती है। जबकि टाेपी इसलिए जरूरी किया गया था कि रसोइया के सिर का बाल भाेजन में ना गिर जाए।

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